- Madhuri Dixit Recalls Her Days in JB Nagar, Says Happiness Doesn’t Depend on Having Everything
- माधुरी दीक्षित ने जे.बी. नगर के दिनों को याद किया, कहा खुशी सब कुछ होने पर निर्भर नहीं करती
- Riteish Deshmukh Pens a Wholesome Note as Dhamaal 4 Trailer Gears Up for a Release
- आईएमए की डिजिटल मार्केटिंग वर्कशॉप में 40+ लोगों ने सीखा एआई से कमाई और कारोबार बढ़ाने का तरीका
- EBG Group और Universal Fitness Australia ने हैदराबाद में साझेदारी की घोषणा करते हुए भारत में ₹300 करोड़ का विस्तार योजना की घोषणा की
विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस: लगातार सिरदर्द को न करें नजरअंदाज, हो सकता है ब्रेन ट्यूमर का संकेत
लगातार सिरदर्द, धुंधला दिखना, याददाश्त में कमी और दौरे पड़ना हो सकते हैं ब्रेन ट्यूमर के संकेत, समय पर जांच से बच सकती है जान
इंदौर, 08 जून 2026। सिरदर्द को अक्सर लोग थकान, तनाव या मौसम के बदलाव का सामान्य परिणाम मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन यदि यह सिरदर्द लगातार बना रहे, समय के साथ बढ़ता जाए या इसके साथ दृष्टि संबंधी समस्याएं, उल्टी, चक्कर, शरीर में कमजोरी या दौरे पड़ने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो यह ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस के अवसर पर केयर सीएचएल हॉस्पिटल्स इंदौर के न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी विभाग के विशेषज्ञों ने लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक रहने और शुरुआती लक्षणों को गंभीरता से लेने की सलाह दी है।

केयर सीएचएल हॉस्पिटल्स इंदौर के वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. मनोरंजन बरनवाल ने बताया कि ब्रेन ट्यूमर के लक्षण उसके आकार, प्रकार और मस्तिष्क में उसकी स्थिति पर निर्भर करते हैं। कई बार शुरुआती चरण में मरीजों को केवल हल्का सिरदर्द या थकान महसूस होती है, लेकिन जैसे-जैसे ट्यूमर बढ़ता है, लक्षण भी गंभीर होते जाते हैं। लगातार सिरदर्द, विशेष रूप से सुबह उठने पर अधिक दर्द होना, बिना कारण उल्टी आना, धुंधला या दोहरा दिखाई देना, सुनने की क्षमता में कमी, बोलने में कठिनाई और व्यवहार में अचानक बदलाव जैसे संकेतों को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

केयर सीएचएल हॉस्पिटल्स इंदौर के वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. सचिन अधिकारी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में बदलाव आए हैं। हाई-रिजोल्यूशन इमेजिंग, न्यूरो-नेविगेशन सिस्टम, ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप और मिनिमली इनवेसिव तकनीकों की मदद से अब जटिल ब्रेन ट्यूमर का भी अधिक सुरक्षित और सटीक उपचार संभव हो गया है। कई मामलों में मरीज कुछ ही दिनों में सामान्य गतिविधियों में लौट सकते हैं।
विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस का उद्देश्य लोगों को इस गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करना, शुरुआती पहचान के महत्व को समझाना और मरीजों व उनके परिवारों को सही जानकारी उपलब्ध कराना है। विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता, समय पर निदान और आधुनिक उपचार सुविधाओं के संयोजन से ब्रेन ट्यूमर से होने वाली जटिलताओं और मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें या उनके परिवार के किसी सदस्य को लगातार सिरदर्द, धुंधला दिखना, बार-बार दौरे पड़ना, शरीर में कमजोरी, याददाश्त में कमी या व्यवहार में असामान्य बदलाव जैसे लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए न्यूरोलॉजिस्ट या न्यूरोसर्जन से परामर्श लें। समय पर उठाया गया एक कदम जीवन बचाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।


